
बेरोजगारी का आलम, आज सुबह गंगापुरसिटी उदेई मोड़ चौराहे पर हर दिन की तरह भीड़ लगी हुई थी
मैंने बाइक रोकी तो कई लोग मेरे पास आये और बोले साहब हम काम पर चलने को तैयार है बस 400 रुपये दे देना
मैंने कहा यार मैं तो वैसे ही रुका हूँ फिर उनसे बात करने लगा तो बोले साहब सुबह 6 बजे यहां आकर खड़े हो जाते है
जिसे काम मिलता है वो चले जाते है जैसे जैसे समय बढ़ता है हमारी रेट कम होती चली जाती है
7 बजे 450, 8 बजे 400, 9 बजे 350, 10 बजे 300 से भी कम में चले जाते है फिर भी रोज काम नही मिलता
जब काम नही मिलता तो घर से लाये भोजन को वापस लेकर घर चले जाते है जेब से 30-40 रुपये का किराया लग जाता है
महीने में मुश्किल से 20 दिन काम मिलता है 10 दिन तो खाली ही निकल जाते है 20 दिन में हम मुश्किल से 8000 रुपये कमा पाते है
उससे ना तो घर का खर्च चल पाता ना बच्चो की पढ़ाई ढंग के स्कूल में हो पाती लेकिन क्या करें मजबूरी है हमे दूसरे काम आते नही है बस मजदूरी करके गुजरा कर लेते है
साथियो आज आप पढाई कर रहे है तो दिल लगाकर पढ़े और आपको किसी दिन ऐसा लगे कि हमारे पास कुछ सुविधाएं नही है या हम पढ़ नही पा रहे है पढाई में मन नही लग रहा है
तो आप एक दिन आपके शहर के उस चौराहे पर जरूर जाना जहां आपको मजदूर भाई खड़े मिलते हो उनसे बात करना उनके जीवन के बारे में जानना
तब आपको अहसास होगा कि आपका जीवन और आपकी सुविधाएं उनसे कई गुना बेहतर है यदि आज उन सुविधाओ का लाभ नही उठाया और पढाई नही की तो आगामी भविष्य हमारा भी ऐसा ही होगा
जो स्टूडेंट 200-300 रु चाय की थडियों पर चाय की चुस्की के साथ सिगरेट के धुएं के छल्ले बनाकर जिंदगी के इन हसीन लम्हो को उड़ा रहे है उन्हें इनसे सबक लेकर अपने अंदर सुधार की जरूरत है अन्यथा ये जीवन समय के साथ आपको सुधार देगा और जब समय के थपेड़े पड़ेंगे तब ये दिन याद आएंगे फिर आप बहुत पछतायेंगे
इसलिए इस तपती धूप में 8 घण्टे काम करने से बेहतर है आज AC लाइब्रेरी में बैठकर 8 घण्टे पढाई कर लें
मैं आपको ज्ञान नही दे रहा हूँ जीवन की एक हकीकत बता रहा हूँ यदि आप इस बात से सहमत है तो पोस्ट को शेयर कर स्टूडेंट्स को जागरूक कर सकते है, इस बेरोजगारी से बचने के लिए आप स्किल कोर्स करें क्योंकि जीवन हार्ड वर्क से नही स्मार्ट वर्क से बदलेगा।
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