KCN india News हम सच के साथ रिपोर्ट: जिला ब्यूरो के रूप लवानिया मथुरा: आम आदमी पार्टी मथुरा के पूर्व जिला अध्यक्ष रवि प्रकाश भारद्वाज ने उत्तर प्रदेश सरकार के महामहिम राज्यपाल से मांग की है कि मथुरा में छटीकरा वृंदावन मार्ग पर स्थित डालमिया फार्म हाउस से काटे गए हरे पेड़ों की जांच माननीय उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश देखरेख में कराई जाए। इस प्रकरण में न केवल शासन प्रशासन द्वारा संरक्षित भूमाफिया लिप्त मिलेंगे ,इन्हीं के साथ-साथ भाजपा के बड़े नेताओं की भी हिस्सेदारी भूमाफियाओं के साथ मिल जाएगी। माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 5 जून को पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम का आह्वान कर खूब सुर्खियां बटोरीं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार भी सुर्खियां बटोरने में पीछे नहीं रही और उसने पेड़ लगाओ ,पेड़ बचाओ के नाम पर 22 जुलाई को एक ही दिन में 35 करोड़ पेड़ लगाने की घोषणा कर केंद्र सरकार से भी ज्यादा सुर्खियां बटोर लीं, जो की पूरी तरह से व्यावहारिक नहीं था। धरातल पर माननीय प्रधानमंत्री जी की घोषणा का कोई असर नजर नहीं आया और ना ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई घोषणा का कोई असर नजर आया। इसके विपरीत छटीकरा वृंदावन मार्ग पर काटे गए वृक्षों ने डबल इंजन की सरकार की पोल खोल दी।यह भी स्पष्ट कर दिया कि पेड़ लगाए जाने के बजाय भाजपा नेताओं ने पेड़ लगाने के नाम पर अपने खूब फोटो खिंचवा लिए। धरातल की सच्चाई यह है कि निर्धारित लक्ष्य का पांच प्रतिशत भी वृक्षारोपण दिखाई नहीं दे रहा है। पेड़ बचाओ के स्थान पर बड़े पैमानों पर पुराने बड़े हरे पेड़ों को बड़ी दबंगई के साथ काट दिया गया है। इस संबंध में पेड़ कट जाने के बाद सक्रिय हुए संबंधित अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए कुछ रिपोर्ट दर्ज करा करके अपनी सक्रियता को दिखाने का प्रयास किया है जब कि पेड़ काटना चंद मिनटों का काम नहीं, यह घंटों का काम है। ऐसी स्थिति में पूरा जिला प्रशासन किस कुंभकरण की नींद में सोया हुआ था यह भी जांच का विषय है। इस घटना ने भूमाफिया किस कदर निर्भीक है को भी स्पष्ट किया है। हालत यह है की उत्तर प्रदेश में पेड़ बचाओ के नाम पर हरे-भरे पेड़ काटे जा रहे हैं तो दूसरी ओर बेटी बचाओ के नाम पर आए दिन आ रहीं बलात्कार की खबरें बेटियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठा रही हैं। ब्यूरो KCN india News